| | | Source : GSMA | Friday, January 23, 2015 10:55AM IST (5:25AM GMT) | | | | जीएसएमए ने भारत में होने वाली स्पेकट्रम नीलामी के उच्च रिजर्व मूल्य के नुकसान की चेतावनी दी | | | | London, United Kingdom | जीएसएमए के मुख्य नियामक अधिकारी टॉम फिलिप्स ने निम्नलिखित बयान जारी किया है जो भारत में होने वाली 2100 मेगाहर्ट्ज की स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए रिजर्व मूल्य में वृद्धि करने के निर्णय से संबंधित है : “जीएसएमए भारत में अगले महीने होने वाली 2100 मेगाहर्ट्ज स्पेकट्रम नीलामी के लिए रिजर्व मूल्य में वृद्धि से चिन्तित है। यह भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा अनुशंसित दर से तकरीबन 36 प्रतिशत ज्यादा है। यही नहीं, सरकार का प्रस्ताव था कि 2100 मेगा हर्ट्ज में से सिर्फ 2 x 5 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाए। इसके मुकाबले जीएसएमए और ट्राई की सिफारिश थी कि इस बैंड में से कम से कम 2x20 एमएचजेड की नीलामी की जाए। इससे नीलमी के नतीजे और खराब होने का खतरा है और इसका नुकसान भारत की जनता को होगा। नीलामी के लिए आरक्षित मूल्य ज्यादा होने से सरकार को अल्प अवधि के लिए राजस्व जरूर प्राप्त हो सकता है पर दीर्घ अवधि में इससे भारत के मोबाइल नेटवर्क के विकास पर नकारात्मक प्रभाव होगा और संरचना में निवेश में देरी होगी। नतीजतन खुदरा मूल्य ज्यादा होगा और उपभोक्ताओं का मोबाइल अनुभव खराब होगा। इस बात के दस्तावेजी सबूत हैं कि मोबाइल ब्रॉडबैंड में यह संभावना है कि अच्छा-खासा सामाजिक आर्थिक लाभ मुहैया करा सकें। जीएसएमए की जानकारी के अनुसार अकेले 2014 में भारत में मोबाइल टेक्नालॉजी का आर्थिक प्रभाव मूल्यवर्धित तौर पर करीब 115 अरब अमेरिकी डॉलर रहा और यह गए साल के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में करीब 5.5 प्रतिशत के आर्थिक योगदान का प्रतिनिधित्व करता है। आगे देखें तो पूरे भारत में मोबाइल ब्रॉडबैंड का जोरदार विकास होना निश्चित है। इससे भारत के उपभोक्ताओं और कारोबारों का डिजिटल इनक्लूजन और आर्थिक विकास होगा। 2014 तक भारत की आबादी के 61 प्रतिशत तक 3जी कवरेज पहुंच चुका था। 2020 तक इसमें अच्छी-खासी वृद्धि होनी है और यह 90 प्रतिशत आबादी तक पहुंच जाएगा। इसी तरह, 2014 की चौथी तिमाही तक कुल मोबाइल कनेक्शन में 3जी और 4जी कनेक्शन सिर्फ 11 प्रतिशत थे। 2020 तक इसमें तकरीबन चार गुना वृद्धि होगी और यह 41 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि जीएसएमए का मानना है कि ये पूर्वानुमान तभी वास्तविकता बनेंगे जब मोबाइल ऑपरेटर भारत में आवश्यक नेटवर्क के लिए निवेश करने में सक्षम होंगे। हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार अगले महीने की नीलामी के लिए वाजिब कीमत तय करेगी ताकि दीर्घ अवधि के आर्थिक और सामाजिक लाभ अधिकत्तम हों। नागरिकों के जीवन और कारोबारों को लाभ पहुंचाने के लिए सही अर्थों में डिजिटल भारत की बुनियाद रखने के लिए अभी भी समय है।” -खत्म- संपादकों के लिए नोट 1 स्रोत : जीएसएमए इंटेलीजेंस जीएसएमए के बारे में जीएसएमए दुनिया भर के मोबाइल ऑपरेटर के हितों का प्रतिनिधित्व करता है। यह दुनिया भर के करीब 800 मोबाइल ऑपरेटर तथा विस्तृत मोबाइल इकोसिस्टम में 250 कंपनियों को एकीकृत करता है। इनमें हैंडसेट और उपकरण निर्माता, सॉफ्टवेयर कंपनियां, उपकरण प्रदाता और इंटरनेट कंपनियों के साथ उद्योग क्षेत्रों के संगठन भी शामिल हैं। जीएसएमए उद्योग में अग्रणी आयोजन भी करता है जैसे मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस, मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस शंघाई और मोबाइल 360 सीरिज कांफ्रेंस। ज्यादा जानकारी के लिए कृपया जीएसएमए के कॉरपोरेट वेबसाइट www.gsma.com पर आएं। जीएसएमए को ट्वीटर : @GSMA पर फॉलो करें। | | | संपर्क: मीडिया के लिए संपर्क : जीएसएमए के लिए सौरभ सग्गी (नई दिल्ली) +919810074079 ssaggi@webershandwick.com जीएसएमए प्रेस ऑफिस pressoffice@gsma.com | | | | | | | | KEYWORDS: Business/ Finance:Consumer Electronics, Technology, Telecommunications;General:Internet | | | | To ensure that you continue to receive email from Business Wire India in your inbox, please add businesswireindia.com to your Address Book or Safe List. | | | | To submit a press release, click here. To unsubscribe or modify your Business Wire India settings, please visit your profile page on Business Wire India.
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